BHIC-103 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | भारत का इतिहास-II
परिचय
BHIC-103 – भारत का इतिहास-II भारतीय इतिहास के अध्ययन से संबंधित एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है। यह course प्राचीन भारत के बाद के ऐतिहासिक विकास, राजनीतिक शक्तियों, सामाजिक संगठन, नगरीकरण, धार्मिक आंदोलनों, व्यापार-वाणिज्य तथा दक्षिण भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं जैसे विषयों को समझने में सहायता करता है।
इस BHIC-103 Solved Assignment 2026-27 in Hindi में uploaded assignment PDF के अनुसार 2026-27 सत्र के सभी प्रश्नों के solved answers दिए गए हैं। Assignment में कुल 10 प्रश्न हैं और maximum marks 100 हैं।
यह Digital PDF उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो अपने assignment questions को समझने, उत्तर लिखने की तैयारी करने और अपने अध्ययन को व्यवस्थित करने के लिए एक तैयार reference material चाहते हैं।
Course Information
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| Course Code | BHIC-103 |
| Course Name | History of India–II |
| हिंदी नाम | भारत का इतिहास-II |
| Assignment Code | BHIC-103/TMA/2026-2027 |
| Session | 2026-27 |
| Medium | Hindi Medium |
| Maximum Marks | 100 |
| Total Questions | 10 |
| Semester | 2 |
| Course Type | Core Course |
| Format | Digital PDF |
IGNOU के आधिकारिक BAHIH programme record में BHIC-103 को History of India–II के रूप में Semester 2 में सूचीबद्ध किया गया है।
2025–26 के IGNOU official assignment record में BHIC-103 को History Honours (BAHIH) and F.Y.U.P. Major (BAFHI) Programme के लिए दिया गया था।
Product Overview
यह BHIC-103 Solved Assignment 2026-27 in Hindi विद्यार्थियों को assignment के प्रश्नों को समझने और उनके उत्तरों की तैयारी करने में सहायता करता है।
Uploaded PDF में तीन भागों में सत्रीय कार्य दिए गए हैं:
- सत्रीय कार्य-I
- सत्रीय कार्य-II
- सत्रीय कार्य-III
पहले भाग में कुषाणों तथा तमिलाकम् से संबंधित विस्तृत प्रश्न हैं। दूसरे भाग में नगरीकरण, भक्ति आन्दोलन तथा प्रारम्भिक मध्यकालीन वाणिज्य एवं व्यापार जैसे विषय शामिल हैं। तीसरे भाग में हर्ष की राजनीतिक गतिविधियाँ, विभिन्न शक्तियों का टकराव, दक्षिण भारत में शिल्प उत्पादन, तमिल साहित्य तथा नदियों के महत्व से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं।
Assignment Question Paper
सत्रीय कार्य-I
प्रश्न 1 — 20 अंक
“कुषाण कौन थे? कुषाणों की धार्मिक नीति का विश्लेषण कीजिए।”
इस प्रश्न के उत्तर में PDF में कुषाणों की उत्पत्ति, यू-ची जनजाति से उनका संबंध, कुषाण सत्ता की स्थापना तथा कुजुल कदफिसेस, विम कदफिसेस और कनिष्क जैसे शासकों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ उनकी धार्मिक नीति को उदार, सहिष्णु और समन्वयवादी बताया गया है। कनिष्क के समय महायान बौद्ध धर्म को मिले संरक्षण तथा विभिन्न धार्मिक परंपराओं के सह-अस्तित्व पर भी चर्चा की गई है।
प्रश्न 2 — 20 अंक
“तमिलाकम् के राजनीतिक और सामाजिक संगठन का वर्णन कीजिए।”
इस प्रश्न में तमिलाकम् की राजनीतिक व्यवस्था, चोल-चेर-पाण्ड्य राजवंश, वेलिर स्थानीय सरदारों, प्रशासन, सेना, राजस्व, बंदरगाहों, सामाजिक वर्गों, कृषि, व्यापारियों, शिल्पकारों तथा महिलाओं की स्थिति को समझाया गया है। संगम साहित्य और धार्मिक विविधता का भी उत्तर में उल्लेख किया गया है।
सत्रीय कार्य-II
प्रश्न 3 — 10 अंक
“400 बी.सी.ई. से 300 सी.ई. में नगरीकरण के पैटर्न पर चर्चा कीजिए।”
इस उत्तर में 400 ई.पू. से 300 ई. तक नगरीकरण के विकास, कृषि अधिशेष, व्यापार, शिल्प उत्पादन तथा राजनीतिक स्थिरता की भूमिका पर चर्चा की गई है। पाटलिपुत्र, वाराणसी, कौशाम्बी, वैशाली, उज्जयिनी, तक्षशिला, मथुरा और विदिशा जैसे प्रमुख नगरों का उल्लेख मिलता है।
व्यापार मार्गों, बाजारों, गोदामों, शिल्प केंद्रों, गिल्डों तथा नगर संरचना में परकोटे, सड़क, जल निकासी और सार्वजनिक भवनों के विकास को भी उत्तर में शामिल किया गया है।
प्रश्न 4 — 10 अंक
“भक्ति आन्दोलन पर एक निबन्ध लिखिए।”
इस उत्तर में भक्ति आन्दोलन की उत्पत्ति, इसके सामाजिक एवं धार्मिक संदर्भ, जाति-भेद और कर्मकाण्ड के विरुद्ध इसके विचार तथा दक्षिण भारत के आलवार और नयनार संतों की भूमिका पर चर्चा की गई है। आगे रामानन्द, कबीर, गुरु नानक, चैतन्य महाप्रभु, सूरदास, तुलसीदास और मीराबाई जैसे संतों का उल्लेख है।
उत्तर में भक्ति आन्दोलन के सामाजिक सुधार, क्षेत्रीय भाषाओं के विकास, समानता, मानवता और धार्मिक सहिष्णुता पर प्रभाव को भी समझाया गया है।
प्रश्न 5 — 10 अंक
“प्रारम्भिक मध्यकाल में वाणिज्य तथा व्यापार के पुनुरूत्थान पर चर्चा कीजिए।”
इस उत्तर में प्रारम्भिक मध्यकाल में कृषि उत्पादन, शिल्प, नगरों, व्यापारिक केंद्रों और समुद्री संपर्कों के विकास को व्यापार के पुनरुत्थान के प्रमुख आधारों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कन्नौज, उज्जैन, अनहिलवाड़ा, ताम्रलिप्ति, भृगुकच्छ, सोपारा तथा नागपट्टनम जैसे व्यापारिक केंद्रों का उल्लेख किया गया है।
व्यापारी संघों, समुद्री व्यापार, अरब, फारस, श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के साथ संपर्क तथा व्यापारिक मार्गों के विकास को भी उत्तर में शामिल किया गया है।
सत्रीय कार्य-III
प्रश्न 6 — 6 अंक
“हर्ष की राजनैतिक गतिविधियाँ”
इस उत्तर में हर्षवर्धन के सत्ता में आने, कन्नौज को राजधानी बनाने, उत्तर भारत में प्रभाव बढ़ाने, भास्करवर्मन से संबंध तथा पुलकेशिन द्वितीय के साथ संघर्ष का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 7 — 6 अंक
“विभिन्न शक्तियों में टकराव”
उत्तर में प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत में विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों के संघर्ष और विशेष रूप से कन्नौज के लिए गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूटों के त्रिपक्षीय संघर्ष का वर्णन किया गया है।
प्रश्न 8 — 6 अंक
“दक्षिण भारत में शिल्प उत्पादन”
इस उत्तर में वस्त्र निर्माण, धातु शिल्प, पत्थर की मूर्तिकला, आभूषण, लकड़ी के शिल्प और मंदिर निर्माण के बीच संबंध को समझाया गया है। चोल कालीन कांस्य प्रतिमाओं तथा नटराज की प्रतिमा का विशेष उल्लेख है।
प्रश्न 9 — 6 अंक
“तमिल साहित्य”
इस उत्तर में संगम साहित्य, एट्टुतोकई, पट्टुपाट्टु, सामाजिक-आर्थिक जीवन, भक्ति साहित्य, नयनार और आलवार संतों तथा शिलप्पदिकारम् और मणिमेखलै जैसे ग्रंथों का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 10 — 6 अंक
“नदियों का महत्व”
इस उत्तर में भारतीय इतिहास में नदियों की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भूमिका समझाई गई है। गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियों के कृषि, सिंचाई, व्यापार, नगरों और धार्मिक जीवन में योगदान का उल्लेख किया गया है।
Important Topics Covered
इस BHIC-103 Solved Assignment 2026-27 in Hindi में निम्न प्रमुख विषय शामिल हैं:
- कुषाण साम्राज्य
- कुषाणों की धार्मिक नीति
- कनिष्क और महायान बौद्ध धर्म
- तमिलाकम् का राजनीतिक संगठन
- तमिलाकम् का सामाजिक संगठन
- चोल, चेर और पाण्ड्य
- वेलिर
- प्राचीन नगरीकरण
- 400 BCE से 300 CE का नगरीकरण
- पाटलिपुत्र और अन्य प्रमुख नगर
- व्यापार एवं शिल्प
- गिल्ड/श्रेणियाँ
- भक्ति आन्दोलन
- आलवार और नयनार
- कबीर और गुरु नानक
- प्रारम्भिक मध्यकालीन व्यापार
- व्यापारी संघ
- समुद्री व्यापार
- हर्षवर्धन
- कन्नौज के लिए संघर्ष
- गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट
- दक्षिण भारत का शिल्प उत्पादन
- चोल कांस्य कला
- तमिल साहित्य
- संगम साहित्य
- नदियों का आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व
Applicable Programmes
यह product निम्न programme categories के लिए तैयार किया गया है:
BAHIH — Bachelor of Arts (Honours) History
IGNOU के आधिकारिक BAHIH programme structure में BHIC-103: History of India–II Semester 2 के Core Courses में शामिल है।
BAFHI — Bachelor of Arts (History)
IGNOU के BAFHI programme को History में BA Major programme के रूप में संचालित किया जाता है और इसके official programme records में History courses शामिल हैं।
2025–26 के official BHIC-103 assignment document में स्पष्ट रूप से History Honours (BAHIH) and F.Y.U.P. Major (BAFHI) programme का उल्लेख है।
Product Features
- BHIC-103 course-specific solved assignment
- 2026-27 session
- Hindi Medium
- Digital PDF format
- Assignment के सभी 10 questions
- 100 marks का complete assignment
- सत्रीय कार्य-I, II और III शामिल
- Long-answer तथा short-note questions दोनों शामिल
- History-related topics को व्यवस्थित रूप से cover किया गया है
- प्रश्नों को uploaded assignment के अनुसार रखा गया है
- Mobile और PC पर पढ़ने के लिए Digital PDF
- Academic preparation के लिए reference material
Uploaded PDF में assignment के सभी 10 प्रश्नों के साथ उनके answers भी दिए गए हैं।
PDF कैसे उपयोग करें?
- Digital PDF को अपने device पर डाउनलोड करें।
- सबसे पहले BHIC-103 के सभी questions देखें।
- प्रत्येक question के answer को ध्यान से पढ़ें।
- अपने IGNOU study material और अन्य official academic material से concepts को समझें।
- Answer लिखते समय केवल reference material पर निर्भर न रहें।
- अपने शब्दों में उत्तर को व्यवस्थित करें।
- Assignment submission से पहले course code, assignment code और session को अवश्य check करें।
- University द्वारा दिए गए नवीनतम instructions और submission guidelines को प्राथमिकता दें।
Helpful Resources
BHIC-103 का official course title History of India–II है और IGNOU के official BAHIH course structure में यह Semester 2 Core Course के रूप में सूचीबद्ध है।
IGNOU के previous official examination papers में भी BHIC-103 को History of India–II के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
Official academic information के लिए विद्यार्थियों को हमेशा IGNOU की वर्तमान website, official study material और university द्वारा जारी latest instructions को प्राथमिकता देनी चाहिए।
Frequently Asked Questions
1. BHIC-103 का पूरा नाम क्या है?
BHIC-103 का official course title History of India–II है। हिंदी में इसे भारत का इतिहास-II कहा जा सकता है।
2. यह BHIC-103 assignment किस session के लिए है?
यह uploaded PDF 2026-27 session के लिए है। PDF पर SOLVED ASSIGNMENT 2026-27 भी स्पष्ट रूप से दिया गया है।
3. BHIC-103 assignment में कितने questions हैं?
इस assignment में कुल 10 questions हैं। Questions को तीन सत्रीय कार्यों में विभाजित किया गया है।
4. BHIC-103 assignment कितने marks का है?
Uploaded PDF के अनुसार maximum marks 100 हैं।
5. BHIC-103 किन programmes में लागू है?
इस product के लिए programme mapping BAHIH और BAFHI है। 2025–26 के official IGNOU assignment में भी BHIC-103 को History Honours (BAHIH) और FYUP History Major (BAFHI) के लिए दिया गया था।
6. BHIC-103 किस semester का course है?
IGNOU के BAHIH programme structure में BHIC-103 Semester 2 में दिया गया है।
7. क्या यह Hindi Medium PDF है?
हाँ। यह product Hindi Medium assignment के लिए तैयार किया गया है और uploaded document में questions और solved answers Hindi में हैं।
8. इस assignment में किन मुख्य historical topics को cover किया गया है?
इसमें कुषाण, तमिलाकम्, नगरीकरण, भक्ति आन्दोलन, प्रारम्भिक मध्यकालीन व्यापार, हर्षवर्धन, क्षेत्रीय शक्तियों का संघर्ष, दक्षिण भारतीय शिल्प, तमिल साहित्य और नदियों के महत्व जैसे विषय शामिल हैं।
9. क्या यह Digital PDF है?
हाँ। यह product Digital PDF format में है और physical book या printed assignment नहीं है।
10. क्या इस PDF को सीधे IGNOU की official study material माना जाना चाहिए?
नहीं। यह एक independent educational reference resource है। विद्यार्थियों को official IGNOU study material, assignment instructions और university की latest guidelines को प्राथमिकता देनी चाहिए।
हिंदी Disclaimer
यह BHIC-103 Solved Assignment 2026-27 एक स्वतंत्र शैक्षणिक reference resource है। Mother Publication, IGNOU (Indira Gandhi National Open University) से officially affiliated, endorsed या authorized नहीं है। इस PDF में दिए गए answers विद्यार्थियों की academic preparation और reference के उद्देश्य से उपलब्ध कराए गए हैं। विद्यार्थियों को अपने assignment को IGNOU की वर्तमान guidelines, official study material और अन्य विश्वसनीय academic resources के अनुसार स्वयं verify करके तैयार करना चाहिए।
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