BPYC-103 Solved Assignment 2026 in Hindi | भारतीय दर्शन: शास्त्रीय और समकालीन
Introduction
BPYC-103 भारतीय दर्शन: शास्त्रीय और समकालीन का यह Hindi Medium Solved Assignment TEE जून 2026 और दिसंबर 2026 के लिए है। PDF के प्रथम पृष्ठ पर सभी पाँच मुख्य प्रश्नों के उत्तर देने का निर्देश दिया गया है और सभी पाँच प्रश्नों के अंक समान बताए गए हैं। प्रश्न 1 और 2 के उत्तर लगभग 400 शब्दों में देने हैं।
IGNOU के July 2026 Common Prospectus में BPYC-103 को Bachelor of Arts (Philosophy) (BAFPY) के Major Course के रूप में 6 Credits के साथ सूचीबद्ध किया गया है।
Course Information
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| Course Code | BPYC-103 |
| Course Name | भारतीय दर्शन: शास्त्रीय और समकालीन |
| Programme | BAFPY |
| Session | TEE जून 2026 और दिसंबर 2026 |
| Medium | Hindi |
| Assignment Code | BPYC-103 |
Product Overview
इस Solved Assignment में कुल 5 मुख्य प्रश्न हैं। प्रश्न 1 और 2 में वैकल्पिक प्रश्न दिए गए हैं। प्रश्न 3 में 4 में से 2, प्रश्न 4 में 6 में से 4 तथा प्रश्न 5 में 8 में से 5 प्रश्न करने हैं। PDF में सभी पाँच मुख्य प्रश्नों के अंक समान हैं और कुल अधिकतम अंक 100 हैं।
Assignment Question Paper
नोट
- सभी पाँच प्रश्नों के उत्तर दें।
- सभी पाँच प्रश्नों के अंक समान हैं।
- प्रश्न संख्या 1 और 2 का उत्तर लगभग 400 शब्दों में होना चाहिए।
प्रश्न 1 — 20 अंक
वेदांत दर्शन में बंधन और मुक्ति की अवधारणा की व्याख्या और मूल्यांकन करें। 20
या
प्रत्यक्ष पर एक टिप्पणी लिखें। न्याय के प्रत्यक्ष के सिद्धांत पर विस्तार से चर्चा करें। 20
प्रश्न 2 — 20 अंक
जैन धर्म के स्याद्वाद और अनेकांतवाद के सिद्धांत की विस्तार से व्याख्या करें। 20
या
बौद्ध धर्म में ज्ञान के स्रोत (प्रमाण) क्या हैं? चर्चा करें।
प्रश्न 3 — 2×10 = 20 अंक
निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दें।
a) अद्वैत वेदांत में माया की अवधारणा की व्याख्या करें। 10
b) भारत में सूफी संतों के महत्व पर एक टिप्पणी लिखें। 10
c) रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन, धर्म और शिक्षा के दर्शन पर चर्चा करें। 10
d) शैव धर्म और वैष्णव धर्म के बीच अंतर स्पष्ट करें। 10
प्रश्न 4 — 4×5 = 20 अंक
निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।
a) अहिंसक राज्य की गांधीवादी अवधारणा क्या है? 5
b) वैदिक दर्शन में पुरुषार्थ की अवधारणा की व्याख्या करें। 5
c) श्री अरबिंदो की ‘सुपरमैन’ की अवधारणा की व्याख्या करें। 5
d) नागार्जुन द्वारा प्रतिपादित शून्यवाद की अवधारणा पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। 5
e) स्वतंत्रता और कर्म पर स्वामी विवेकानंद के विचारों की व्याख्या करें। 5
f) अंबेडकर के सामाजिक दर्शन पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। 5
प्रश्न 5 — 5×4 = 20 अंक
निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर लगभग 100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
क) ख्यातिवाद 4
बी) योग दर्शन में चित्त 4
ग) नास्तिक दर्शन 4
घ) मोक्ष 4
ई) विशिष्टाद्वैत 4
च) माधव के अनुसार वास्तविकता के दो प्रकार 4
छ) एकात्म मानववाद 4
ज) अनुमान 4
ऊपर दिए गए प्रश्न PDF के पहले दो पृष्ठों पर उपलब्ध current assignment question paper से लिए गए हैं।
Section-wise Questions
Section 1 — प्रश्न 1
वेदांत में बंधन और मुक्ति तथा न्याय दर्शन में प्रत्यक्ष के सिद्धांत पर वैकल्पिक 20-अंक के प्रश्न दिए गए हैं।
Section 2 — प्रश्न 2
जैन धर्म के स्याद्वाद एवं अनेकांतवाद तथा बौद्ध धर्म में ज्ञान के स्रोत (प्रमाण) पर वैकल्पिक 20-अंक के प्रश्न दिए गए हैं।
Section 3 — प्रश्न 3
अद्वैत वेदांत की माया, भारत के सूफी संत, रवींद्रनाथ टैगोर के दर्शन तथा शैव-वैष्णव धर्म के अंतर से जुड़े चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से दो करने हैं।
Section 4 — प्रश्न 4
गांधीवादी अहिंसक राज्य, पुरुषार्थ, श्री अरबिंदो का सुपरमैन, नागार्जुन का शून्यवाद, विवेकानंद के स्वतंत्रता-कर्म संबंधी विचार तथा अंबेडकर के सामाजिक दर्शन से जुड़े विकल्प दिए गए हैं।
Section 5 — प्रश्न 5
ख्यातिवाद, योग दर्शन में चित्त, नास्तिक दर्शन, मोक्ष, विशिष्टाद्वैत, माधव के अनुसार वास्तविकता, एकात्म मानववाद और अनुमान पर संक्षिप्त टिप्पणियों के विकल्प दिए गए हैं।
Important Topics Covered
- वेदांत दर्शन में बंधन और मुक्ति
- न्याय दर्शन में प्रत्यक्ष
- जैन धर्म का स्याद्वाद
- जैन धर्म का अनेकांतवाद
- बौद्ध धर्म में ज्ञान के स्रोत
- अद्वैत वेदांत में माया
- भारत में सूफी संत
- रवींद्रनाथ टैगोर का जीवन, धर्म और शिक्षा दर्शन
- शैव और वैष्णव धर्म
- गांधीवादी अहिंसक राज्य
- पुरुषार्थ
- श्री अरबिंदो का सुपरमैन
- नागार्जुन का शून्यवाद
- स्वामी विवेकानंद के स्वतंत्रता और कर्म संबंधी विचार
- अंबेडकर का सामाजिक दर्शन
- ख्यातिवाद
- योग दर्शन में चित्त
- नास्तिक दर्शन
- मोक्ष
- विशिष्टाद्वैत
- माधव के अनुसार वास्तविकता
- एकात्म मानववाद
- अनुमान
Uploaded solved PDF के pages 3–11 में इन सभी प्रश्नों के क्रमवार उत्तर दिए गए हैं; उदाहरणतः वेदांत, जैन स्याद्वाद-अनेकांतवाद, माया, सूफी संत, गांधीवादी राज्य, पुरुषार्थ, श्री अरबिंदो, नागार्जुन, ख्यातिवाद, चित्त, नास्तिक दर्शन, मोक्ष और विशिष्टाद्वैत के समाधान शामिल हैं।
Applicable Programmes
BAFPY — Bachelor of Arts (Philosophy)
IGNOU के July 2026 Common Prospectus में BPYC-103 को BAFPY के Major Courses (Discipline Specific Courses) में Indian Philosophy – Classical and Contemporary के रूप में 6 Credits के साथ सूचीबद्ध किया गया है।
Product Features
- BPYC-103 2026 Hindi Medium Solved Assignment
- TEE जून 2026 और दिसंबर 2026 के लिए
- कुल 5 मुख्य प्रश्न
- अधिकतम 100 अंक
- सभी प्रश्नों के विकल्प एवं उप-प्रश्न शामिल
- भारतीय दर्शन के शास्त्रीय और समकालीन विषय
- Digital PDF Format
- Mobile, Tablet और Computer पर उपयोग योग्य
PDF कैसे उपयोग करें?
- PDF को अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर खोलें।
- BPYC-103 और 2026 session की जानकारी की पुष्टि करें।
- पहले assignment के instructions पढ़ें।
- प्रत्येक मुख्य प्रश्न में दिए गए विकल्पों और word-limit को ध्यान से देखें।
- समाधान का उपयोग विषय समझने और अपने assignment उत्तर तैयार करने के लिए करें।
- अंतिम उत्तर तैयार करते समय IGNOU की आधिकारिक अध्ययन-सामग्री और नवीनतम विश्वविद्यालयीय निर्देशों को भी देखें।
Helpful Resources
IGNOU के July 2026 Common Prospectus में BAFPY के अंतर्गत BPYC-103 को Indian Philosophy – Classical and Contemporary के रूप में 6-credit Major Course के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
IGNOU के आधिकारिक December 2025 Term-End Examination question paper में भी BPYC-103 को Indian Philosophy: Classical and Contemporary के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
Frequently Asked Questions
1. यह Solved Assignment किस Course Code के लिए है?
यह BPYC-103 के लिए है।
2. BPYC-103 का Hindi Course Title क्या है?
भारतीय दर्शन: शास्त्रीय और समकालीन।
3. यह Assignment किस परीक्षा/session के लिए है?
यह TEE जून 2026 और दिसंबर 2026 के लिए है।
4. यह किस Programme के लिए है?
यह BAFPY — Bachelor of Arts (Philosophy) के लिए है।
5. BPYC-103 के कितने Credits हैं?
IGNOU के July 2026 Common Prospectus के अनुसार BPYC-103 के 6 Credits हैं।
6. Assignment में कितने मुख्य प्रश्न हैं?
कुल 5 मुख्य प्रश्न हैं। सभी पाँच प्रश्नों के उत्तर देने का निर्देश है।
7. कुल अधिकतम अंक कितने हैं?
प्रत्येक मुख्य प्रश्न 20 अंक का है, इसलिए कुल अधिकतम अंक 100 हैं।
8. प्रश्न 1 और 2 के उत्तर कितने शब्दों में देने हैं?
प्रश्न 1 और 2 के उत्तर लगभग 400 शब्दों में देने हैं।
9. प्रश्न 3 में कितने प्रश्न करने हैं?
प्रश्न 3 में दिए गए चार विकल्पों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में देने हैं।
10. प्रश्न 4 और 5 में कितने विकल्प हैं?
प्रश्न 4 में 6 विकल्पों में से 4 और प्रश्न 5 में 8 विकल्पों में से 5 करने हैं।
11. क्या यह PDF Hindi Medium है?
हाँ। Uploaded PDF में assignment के प्रश्न और solved answers Hindi में हैं।
12. यह उत्पाद किस Format में है?
यह Digital PDF Format में है।
Disclaimer
अस्वीकरण: Mother Publication एक स्वतंत्र शैक्षणिक संसाधन प्रदाता है और IGNOU से आधिकारिक रूप से संबद्ध या उसके द्वारा अनुमोदित/endorsed नहीं है। विद्यार्थियों को अपने assignment तैयार करते समय IGNOU की आधिकारिक अध्ययन-सामग्री एवं नवीनतम विश्वविद्यालयीय निर्देशों को प्राथमिक संदर्भ के रूप में देखना चाहिए।
PRODUCT TAGS
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