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BSOE-142 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ

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BSOE-142 भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ का 2026-27 हिन्दी माध्यम Solved Assignment PDF है। इसमें भारतीय समाजशास्त्रीय चिंतन, सामाजिक पूर्ववर्तियों, संस्कृतिकरण, पाश्चात्यीकरण, नारीवादी समाजशास्त्र और प्रमुख समाजशास्त्रीय परंपराओं से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।

Course CodeBSOE-142
Course Nameभारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ
ProgrammeBASOH
Session2026-27
MediumHindi
Assignment CodeBSOE-142/ASST/TMA/2026-27

यह डिजिटल PDF असाइनमेंट की तैयारी, उत्तर लेखन के अभ्यास और विषयवार पुनरावृत्ति में उपयोगी है।

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BSOE-142 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ

Introduction

BSOE-142 — भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ 2026-27 सत्र के लिए हिन्दी माध्यम का Solved Assignment PDF है। यह सामग्री भारतीय समाजशास्त्रीय चिंतन की परम्पराओं, प्रमुख समाजशास्त्रियों और भारतीय समाज को समझने वाले विभिन्न दृष्टिकोणों पर केंद्रित है।

इस PDF में कुल 10 प्रश्न हैं और अधिकतम 100 अंक निर्धारित हैं। प्रश्न तीन सत्रीय कार्यों में विभाजित हैं।

Course Information

Course CodeBSOE-142
Course Nameभारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ
ProgrammeBASOH
Session2026-27
MediumHindi
Assignment CodeBSOE-142/ASST/TMA/2026-27

Product Overview

इस Solved Assignment में भारतीय समाजशास्त्रीय चिंतन के प्रमुख आयामों को प्रश्नवार प्रस्तुत किया गया है। मुख्य विषयों में डी. पी. मुखर्जी, ए. आर. देसाई, बेनॉय कुमार सरकार, एम. एन. श्रीनिवास, नारीवादी समाजशास्त्री, जी. एस. घुर्ये, बॉम्बे स्कूल, रामकृष्ण मुखर्जी तथा इरावती कर्वे शामिल हैं।

PDF में प्रश्नों का विभाजन इस प्रकार है:

  • सत्रीय कार्य-I: प्रश्न 1–2, प्रत्येक 20 अंक
  • सत्रीय कार्य-II: प्रश्न 3–5, प्रत्येक 10 अंक
  • सत्रीय कार्य-III: प्रश्न 6–10, प्रत्येक 6 अंक

Assignment Question Paper

सत्रीय कार्य-I

प्रश्न 1. (20 अंक)
भारतीय समाज को समझने के संदर्भ में डी. पी. मुखर्जी तथा ए. आर. देसाई के समाजशास्त्रीय दृष्टिकोणों की तुलना कीजिए।

प्रश्न 2. (20 अंक)
बेनॉय कुमार सरकार के योगदान के संदर्भ में भारतीय समाजशास्त्रीय चिंतन की सामाजिक पूर्ववर्तियों (Social Antecedents) की चर्चा कीजिए।

सत्रीय कार्य-II

प्रश्न 3. (10 अंक)
एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित संस्कृतिकरण (Sanskritization) तथा पाश्चात्यीकरण (Westernization) की अवधारणाओं के संदर्भ में सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।

प्रश्न 4. (10 अंक)
भारतीय समाजशास्त्रीय परंपराओं के विकास में नारीवादी समाजशास्त्रियों के योगदान की चर्चा कीजिए।

प्रश्न 5. (10 अंक)
भारत में राष्ट्रवाद की समझ के संदर्भ में ए. आर. देसाई के दृष्टिकोण की व्याख्या कीजिए।

सत्रीय कार्य-III

प्रश्न 6. (6 अंक)
भारतीय समाजशास्त्र में इंडोलॉजिकल (Indological) दृष्टिकोण क्या है?

प्रश्न 7. (6 अंक)
समाजशास्त्र के बॉम्बे स्कूल (Bombay School of Sociology) पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

प्रश्न 8. (6 अंक)
भारत की जनजातियों के संबंध में जी. एस. घुर्ये के क्या विचार थे?

प्रश्न 9. (6 अंक)
‘भारतीय समाजशास्त्र का समाजशास्त्र’ से रामकृष्ण मुखर्जी का क्या आशय था? इसकी प्रमुख विशेषताओं की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

प्रश्न 10. (6 अंक)
इरावती कर्वे के दृष्टिकोण के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि जाति किस प्रकार नातेदारी (Kinship) संगठन को प्रभावित करती है।

Section-wise Questions

सत्रीय कार्य-I — 40 अंक

  • प्रश्न 1 — डी. पी. मुखर्जी और ए. आर. देसाई के समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण — 20 अंक
  • प्रश्न 2 — बेनॉय कुमार सरकार और सामाजिक पूर्ववर्तियाँ — 20 अंक

सत्रीय कार्य-II — 30 अंक

  • प्रश्न 3 — संस्कृतिकरण और पाश्चात्यीकरण — 10 अंक
  • प्रश्न 4 — नारीवादी समाजशास्त्रियों का योगदान — 10 अंक
  • प्रश्न 5 — ए. आर. देसाई और भारतीय राष्ट्रवाद — 10 अंक

सत्रीय कार्य-III — 30 अंक

  • प्रश्न 6 — इंडोलॉजिकल दृष्टिकोण — 6 अंक
  • प्रश्न 7 — बॉम्बे स्कूल ऑफ सोशियोलॉजी — 6 अंक
  • प्रश्न 8 — जी. एस. घुर्ये और भारतीय जनजातियाँ — 6 अंक
  • प्रश्न 9 — भारतीय समाजशास्त्र का समाजशास्त्र — 6 अंक
  • प्रश्न 10 — इरावती कर्वे, जाति और नातेदारी — 6 अंक

Important Topics Covered

  • डी. पी. मुखर्जी का भारतीय समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण
  • ए. आर. देसाई का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण
  • भारतीय समाजशास्त्रीय चिंतन की सामाजिक पूर्ववर्तियाँ
  • बेनॉय कुमार सरकार का योगदान
  • संस्कृतिकरण और पाश्चात्यीकरण
  • सामाजिक परिवर्तन
  • भारतीय नारीवादी समाजशास्त्र
  • भारत में राष्ट्रवाद का समाजशास्त्रीय अध्ययन
  • इंडोलॉजिकल दृष्टिकोण
  • बॉम्बे स्कूल ऑफ सोशियोलॉजी
  • जी. एस. घुर्ये के जनजाति संबंधी विचार
  • रामकृष्ण मुखर्जी और भारतीय समाजशास्त्र
  • इरावती कर्वे का नातेदारी संबंधी दृष्टिकोण

Applicable Programmes

BASOH — Bachelor of Arts (Honours) Sociology

IGNOU के जनवरी 2026 Common Prospectus में BSOE-142 को BASOH के Semester VI में BSOE-144 और BANE-144 के साथ DSE विकल्प के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

Product Features

  • BSOE-142 का 2026-27 Solved Assignment
  • हिन्दी माध्यम
  • कुल 10 प्रश्न
  • अधिकतम 100 अंक
  • तीन सत्रीय कार्य
  • प्रश्नों के अंक सहित व्यवस्थित प्रस्तुतीकरण
  • भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराओं से संबंधित प्रमुख विषय
  • Digital PDF Format
  • Instant Download

PDF कैसे उपयोग करें?

  1. PDF डाउनलोड करके अपने डिवाइस में सुरक्षित रखें।
  2. पहले प्रश्नों को स्वयं पढ़कर उत्तर लिखने का प्रयास करें।
  3. उसके बाद दिए गए solved answers से अपने उत्तरों की तुलना करें।
  4. महत्वपूर्ण समाजशास्त्रीय अवधारणाओं और विचारकों के नाम अलग से नोट करें।
  5. अंतिम उत्तर तैयार करने से पहले IGNOU के आधिकारिक अध्ययन-सामग्री और निर्देशों से मिलान करें।

Helpful Resources

  • IGNOU की आधिकारिक अध्ययन सामग्री
  • IGNOU Programme Guide
  • संबंधित पाठ्यक्रम की आधिकारिक सामग्री
  • IGNOU की आधिकारिक Assignment Guidelines
  • IGNOU के आधिकारिक प्रश्नपत्र

Frequently Asked Questions

1. BSOE-142 का हिन्दी नाम क्या है?

BSOE-142 का हिन्दी नाम भारतीय समाजशास्त्रीय परम्पराएँ है।

2. यह Assignment किस सत्र के लिए है?

यह 2026-27 सत्र के लिए है।

3. BSOE-142 किस Programme के लिए है?

यह उत्पाद BASOH — Bachelor of Arts (Honours) Sociology के लिए तैयार किया गया है।

4. Assignment में कितने प्रश्न हैं?

इस Assignment में कुल 10 प्रश्न हैं।

5. Assignment के अधिकतम अंक कितने हैं?

अधिकतम अंक 100 हैं।

6. BSOE-142 कितने Credits का है?

वर्तमान BASOH programme structure के अनुसार BSOE-142 6 Credits का DSE है।

7. क्या यह हिन्दी Medium PDF है?

हाँ, यह उत्पाद हिन्दी माध्यम के BSOE-142 Solved Assignment के रूप में तैयार किया गया है।

8. Assignment कितने भागों में विभाजित है?

Assignment तीन भागों में विभाजित है—सत्रीय कार्य-I, सत्रीय कार्य-II और सत्रीय कार्य-III।

9. इसमें किन प्रमुख समाजशास्त्रियों को शामिल किया गया है?

इसमें डी. पी. मुखर्जी, ए. आर. देसाई, बेनॉय कुमार सरकार, एम. एन. श्रीनिवास, जी. एस. घुर्ये, रामकृष्ण मुखर्जी और इरावती कर्वे जैसे विचारकों से संबंधित प्रश्न हैं।

10. यह PDF किस Format में उपलब्ध है?

यह Digital PDF है और उत्पाद की Delivery Type Instant Download है।

Disclaimer

यह सामग्री शैक्षणिक सहायता और अध्ययन-अभ्यास के उद्देश्य से तैयार की गई है। विद्यार्थी जमा करने से पहले अपने उत्तरों को IGNOU की आधिकारिक अध्ययन सामग्री, निर्देशों और वर्तमान शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार अवश्य जाँचें।

Mother Publication is an independent educational resource provider and is not officially affiliated with or endorsed by IGNOU.

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