BHDC-103 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता
Introduction
BHDC-103 : आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता हिंदी साहित्य का 6 क्रेडिट का पाठ्यक्रम है। IGNOU की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसमें आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता का अध्ययन कराया जाता है।
अपलोड किए गए 2026-27 सत्रीय कार्य में सभी प्रश्न अनिवार्य हैं और कुल अंक 100 हैं। प्रश्नपत्र में पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या के साथ तुलसीदास, सूरदास, विद्यापति, जायसी, रहीम, रसखान, बिहारी और मीराबाई से संबंधित दीर्घ एवं लघु प्रश्न शामिल हैं।
Course Information
| Course Code | BHDC-103 |
|---|---|
| Course Name | आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता |
| Programme | BAHDH / BAG |
| Session | 2026-27 |
| Medium | Hindi Medium |
| Assignment Code | BHDC-103/2026-27 |
Product Overview
इस Solved Assignment में पहले भाग में दिए गए पद्यांशों में से चार की ससन्दर्भ व्याख्या करनी है। आगे तुलसीदास के समय और रचना संसार, सूरदास के काव्य में लोकजीवन, विद्यापति की भक्ति, जायसी की कविता में श्रृंगार, रहीम की काव्यभाषा और काव्य-रूप, रसखान की प्रेम-भक्ति तथा बिहारी और मीरा के काव्य से जुड़े प्रश्न दिए गए हैं।
Assignment Question Paper
भाग–1
प्रश्न 1. निम्नलिखित पद्यांशों में से चार की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए। 10×4 = 40
(क)
काहे को ब्याही बिदेस रे, लखि बाबुल मोरे।
हम तो बाबुल तोरे बागों की कोयल
कुहुकत घर-घर जाऊँ, लखि बाबुल मोरे।
हम तो बाबुल तोरे खेतों की चिड़िया
चुग्गा चुगत उड़ि जाऊँ, लखि बाबुल मोरे।
हम तो बाबुल तोरे बेले की कलियाँ
जो मांगे चली जाऊँ, लखि बाबुल मोरे।
हम तो बाबुल तोरे खूंटे की गइया
जित हांको हंक जाऊँ, लखि बाबुल मोरे।
(ख)
ऊधौ तुम हौ चतुर सुजान।
हमकौं तुम सोई सिख दीजौ, नंद सुवन की आन।।
आमिष है भोजन हित जाकौं, सो क्यों सागहिं मान।
ता मुख सेम पात क्यों परसत, जा मुख खाए पान।।
किंगरी स्वर कैसैं सचु मानत, सुनि मुरली की तान।
सुख तौ ता दिन होइ सूर ब्रज, जा दिन आवै कान्ह।।
(ग)
मेरे मन राम नाम बसी।
तेरे कारण स्याम सुंदर, सकल लोगाँ हँसी।।
कोई कहे मीरा भई बावरी, कोई कहे कुल नासी।
कोई कहै मीरा दीप आगरी नाम पिया सूँ रसी।।
खाण्ड धार भक्ति की न्यारी, काटि है जम फाँसी।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, सबद सरोवर धाँसी।।
(घ)
या अनुरागी चित्त की गति समुझै नहिं कोइ।
ज्यों ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों त्यों उज्जलु होइ।
नहिं परागु, नहिं मधुर मधु, नहिं बिकासु इहि काल।
अली कली ही सौं बँध्यो, आगे कौन हवाल।
बतरस-लालच लाल की मुरली धरी लुकाइ।
सौंह करै भौंहनु हँसै, दैन कहैं नटि जाइ।
(ङ)
एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय।
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।।
कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत।
बिपति कसौटी जे कसे, ते ही साँचे मीत।।
छिमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात।
का रहीम हरि को घट्यो, जो भृगु मारी लात।।
भाग–2
प्रश्न 2. तुलसीदास के समय और रचना संसार का परिचय दीजिए। 10 अंक
प्रश्न 3. ‘सूरदास के काव्य में लोकजीवन’ विषय पर विचार कीजिए। 10 अंक
प्रश्न 4. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए। 5×2 = 10
(क) विद्यापति की भक्ति का स्वरूप
(ख) जायसी की कविता में श्रृंगार
भाग–3
प्रश्न 5. रहीम की काव्यभाषा और काव्य रूप पर प्रकाश डालिए। 10 अंक
प्रश्न 6. रसखान की कविता में निहित प्रेम और भक्ति की विशिष्टताओं को रेखांकित कीजिए। 10 अंक
प्रश्न 7. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए। 5×2 = 10
(क) बिहारी की कविता का भाव पक्ष
(ख) मीरा की कविताओं में भक्ति भावना
उपरोक्त प्रश्न अपलोड किए गए वर्तमान BHDC-103 PDF के प्रश्नपत्र से लिए गए हैं।
Section-wise Questions
भाग–1 — ससन्दर्भ व्याख्या
- अमीर ख़ुसरो का काहे को ब्याही बिदेस
- सूरदास का उद्धव-गोपिका संवाद
- मीराबाई की भक्ति
- बिहारी के दोहे
- रहीम के नीति-दोहे
भाग–2
- तुलसीदास का समय और रचना संसार
- सूरदास के काव्य में लोकजीवन
- विद्यापति की भक्ति का स्वरूप
- जायसी की कविता में श्रृंगार
भाग–3
- रहीम की काव्यभाषा और काव्य-रूप
- रसखान की कविता में प्रेम और भक्ति
- बिहारी की कविता का भाव पक्ष
- मीरा की कविताओं में भक्ति भावना
Important Topics Covered
- आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता
- अमीर ख़ुसरो
- विद्यापति
- सूरदास
- तुलसीदास
- रहीम
- मीराबाई
- बिहारी
- रसखान
- जायसी
- भक्ति काव्य
- सगुण भक्ति
- कृष्ण भक्ति
- राम भक्ति
- सूफी प्रेमाश्रयी काव्य
- लोकजीवन
- श्रृंगार रस
- नीति काव्य
- काव्यभाषा
- काव्य रूप
- पद्यांश की ससन्दर्भ व्याख्या
- भक्ति भावना
- प्रेम और भक्ति
- बिहारी का भाव पक्ष
Applicable Programmes
BAHDH — Bachelor of Arts (Honours) Hindi: IGNOU की वर्तमान programme information में BHDC-103 को आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता, 6 क्रेडिट के पाठ्यक्रम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
BAG — Bachelor of Arts (General), CBCS: IGNOU की programme information में BHDC-103 को BAG के पाठ्यक्रम ढाँचे में भी 6 क्रेडिट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
Product Features
- BHDC-103 का 2026-27 सत्रीय कार्य
- Hindi Medium
- कुल अंक: 100
- कुल 7 प्रश्न
- सभी प्रश्न अनिवार्य
- पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या
- तुलसीदास और सूरदास संबंधी प्रश्न
- विद्यापति एवं जायसी पर टिप्पणियाँ
- रहीम की काव्यभाषा और काव्य-रूप
- रसखान की प्रेम एवं भक्ति
- बिहारी के भाव पक्ष और मीरा की भक्ति
- Digital PDF Format
- Instant Download
PDF कैसे उपयोग करें?
- पहले वर्तमान Assignment के सभी प्रश्न पढ़ें।
- पद्यांशों के संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और काव्य-सौंदर्य को समझें।
- दीर्घ प्रश्नों के उत्तर तैयार करते समय संबंधित कवि और काव्यधारा के प्रमुख बिंदुओं को व्यवस्थित करें।
- लघु टिप्पणियों में प्रश्न के अनुसार मुख्य साहित्यिक विशेषताओं को शामिल करें।
- Assignment जमा करने से पहले IGNOU के वर्तमान निर्देशों और submission requirements की पुष्टि करें।
Helpful Resources
Frequently Asked Questions
1. BHDC-103 का कोर्स नाम क्या है?
BHDC-103 का कोर्स नाम आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी कविता है।
2. यह Assignment किस session के लिए है?
यह 2026-27 session का Assignment है।
3. BHDC-103 कितने credits का है?
IGNOU की आधिकारिक programme information के अनुसार BHDC-103 6 credits का है।
4. इस Assignment के कुल अंक कितने हैं?
कुल अंक 100 हैं।
5. Assignment में कितने प्रश्न हैं?
वर्तमान PDF में कुल 7 प्रश्न हैं और सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
6. BHDC-103 किन programmes में लागू है?
सत्यापित programme information के अनुसार BHDC-103 BAHDH और BAG (CBCS) में सूचीबद्ध है।
7. क्या यह Hindi Medium PDF है?
हाँ, यह Hindi Medium Solved Assignment PDF है।
8. इस Assignment में किन प्रमुख कवियों को शामिल किया गया है?
अमीर ख़ुसरो, सूरदास, मीराबाई, बिहारी, रहीम, तुलसीदास, रसखान, विद्यापति और जायसी से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।
9. क्या पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या भी दी गई है?
हाँ। भाग–1 में पाँच पद्यांश दिए गए हैं, जिनमें से चार की ससन्दर्भ व्याख्या करनी है।
10. क्या PDF में प्रश्नों के समाधान उपलब्ध हैं?
हाँ। उपलब्ध Solved Assignment PDF में प्रश्न 1 से 7 तक के समाधान दिए गए हैं।
Disclaimer
Mother Publication is an independent educational resource provider and is not officially affiliated with or endorsed by IGNOU.
PRODUCT TAGS
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