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MHD-14 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)

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MHD-14 हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) का 2026-27 Hindi Medium Solved Assignment PDF है। इसमें प्रेमचंद के प्रमुख उपन्यासों, पात्रों, कथानक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े वर्तमान सत्रीय कार्य के सभी प्रश्न शामिल हैं।

FieldDetails
Course CodeMHD-14
Course Nameहिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
ProgrammeMHD, MHDOL
Session2026-27
MediumHindi
Assignment CodeMHD-14/TMA/2026-27

यह Digital PDF Assignment Preparation को व्यवस्थित करने और प्रेमचंद-केंद्रित पाठ्यक्रम के प्रश्नों तथा उत्तरों को समझने में उपयोगी है।

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MHD-14 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)

Introduction

MHD-14 हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) IGNOU के हिंदी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का 4-क्रेडिट पाठ्यक्रम है। IGNOU के आधिकारिक programme guide में इसे उपन्यास के विशेष अध्ययन वाले मॉड्यूल में रखा गया है।

वर्तमान PDF में 2026-27 सत्रीय कार्य के लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं और सभी प्रश्नों के उत्तर देने का निर्देश दिया गया है।

Course Information

FieldDetails
Course CodeMHD-14
Course Nameहिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
ProgrammeMHD, MHDOL
Session2026-27
MediumHindi
Assignment CodeMHD-14/TMA/2026-27

Product Overview

यह Solved Assignment प्रेमचंद के कथा-साहित्य के प्रमुख पक्षों पर केंद्रित है। इसमें सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, गबन, गोदान और कर्मभूमि से जुड़े प्रश्नों के साथ प्रेमचंद के निबंधों और कथा-दृष्टि पर भी प्रश्न शामिल हैं।

Assignment Question Paper

सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए। कुल अंक: 100

प्रश्न 1 — 10×4 = 40 अंक

निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए:

(क) — 10 अंक

“सुमन से सोचा, मैं कैसी हतभागिनी हूँ। एक वह स्त्रियाँ हैं, जो आराम से तकिए लगाए, सो रही हैं, लौंडियाँ पैर दबाती हैं। एक मैं हूँ कि यहाँ बैठी हुई अपने नसीब को रो रही हूँ। मैं यह सब दुःख क्यों झेलती हूँ? एक झोपड़ी में टूटी खाट पर सोती हूँ, रूखी रोटियाँ खाती हूँ। नित्य घुड़कियाँ सुनती हूँ, क्यों? मर्यादा-पालन के लिए ही न? लेकिन संसार मेरे इस मर्यादा-पालन को क्या समझता है? उसकी दृष्टि में इसका क्या मूल्य है? क्या यह मुझसे छिपा हुआ है? दशहरे के मेले में, मोहर्रम के मेले में, फूल बाग में, मंदिरों में, सभी जगह तो देख रही हूँ। आज तक मैं समझती थी कि कुचरित्र लोग ही इन रमणियों पर जान देते हैं, किन्तु आज मालूम हुआ कि उनकी पहुँच सुचरित्र और सदाचारशील पुरुषों में भी कम नहीं है। वकील साहब कितने सज्जन आदमी हैं, लेकिन आज वह भोलीबाई पर कैसे लट्टू हो रहे थे।”

(ख) — 10 अंक

“क्षण मात्र में ज्ञानशंकर के विचारों ने पलटा खाया। जब तक उन्हें शंका थी कि राय साहब दम तोड़ रहे हैं तब तक वह उनकी प्राण-रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। जब बाहर खड़े-खड़े निश्चय हो गया कि राय साहब के प्राणान्त हो गये तब वह अपनी जान की खैर मनाने लगे। अब उन्हें सामने देखकर क्रोध आ रहा था कि यह मर क्यों न गये! इतना तिरस्कार, इतना मानसिक कष्ट व्यर्थ सहना पड़ा! उनकी दशा इस समय उस थके-माँदे हलवाहे की-सी हो रही थी जिसके बैल खेत से द्वार पर आकर बिदक गये हों, दिन-भर के कठिन परिश्रम के बाद सारी रात अँधेरे में बैलों के पीछे दौड़ने की सम्भावना उसकी हिम्मत को तोड़ डालती हो।”

(ग) — 10 अंक

“संसार में कौन है, जो कहे कि मैं गंगाजल हूँ। जब बड़े-बड़े साधु-संन्यासी माया-मोह में फँसे हुए हैं तो हमारी तुम्हारी क्या बात है। हमारी बड़ी भूल यही है कि खेल को खेल की तरह नहीं खेलते। खेल में धाँधली करके कोई जीत ही जाए, तो क्या हाथ आएगा? खेलना तो इस तरह चाहिए कि निगाह जीत पर रहे, पर हार से घबराएँ नहीं, ईमान को न छोड़ें। जीतकर इतना न इतराएँ कि अब कभी हार होगी ही नहीं। यह हार-जीत तो जिंदगी के साथ है। हाँ, एक सलाह की बात कहता हूँ। तुम ताड़ी की दुकान छोड़कर कोई दूसरा रोजगार क्यों नहीं करते?”

(घ) — 10 अंक

“मैं कुछ नहीं चाहती। मैं उस घर का एक तिनका भी अपने साथ न ले जाऊँगी। जिस चीज पर मेरा कोई अधिकार नहीं, वह मेरे लिए वैसी ही है जैसी किसी गैर आदमी की चीज। मैं दया की भिखारिन न बनूँगी। तुम इन चीजों के अधिकारी हो, ले जाओ। मैं जरा भी बुरा नहीं मानती। दया की चीज न जबरदस्ती दी जा सकती है, न जबरदस्ती ली जा सकती है। संसार में हजारों विधवाएँ हैं, जो मेहनत-मजूरी करके अपना निर्वाह कर रही हैं। मैं भी वैसी ही हूँ। मैं भी उसी तरह मजदूरी करूँगी और अगर न कर सकूँगी, तो किसी गड्ढे में डूब मरूँगी। जो अपना पेट भी न पाल सके, उसे जीते रहने का, दूसरों का बोझ बनने का कोई हक नहीं है।”

प्रश्न 2 — 10 अंक

“प्रेमचंद कथा सम्राट हैं” इस कथन की पुष्टि कीजिए।

प्रश्न 3 — 10 अंक

‘गबन’ मध्यवर्गीय नारी मुक्ति का एक ज्वलंत दस्तावेज है। इस कथन को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

प्रश्न 4 — 10 अंक

‘गोदान’ की पात्र योजना पर विचार कीजिए।

प्रश्न 5 — 10 अंक

‘रंगभूमि’ में राष्ट्रीय आंदोलन का चित्रण किस तरह हुआ है? संक्षेप में उत्तर दीजिए।

प्रश्न 6 — 5×4 = 20 अंक

निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए:

(क) प्रेमचंद के निबंध — 5 अंक

(ख) ‘प्रेमाश्रम’ का कथानक — 5 अंक

(ग) ‘कर्मभूमि’ की मूल संवेदना — 5 अंक

(घ) ‘सेवासदन’ की मूल समस्या — 5 अंक

वर्तमान PDF के पृष्ठ 1–2 पर मूल Assignment के सभी प्रश्न और अंक-विभाजन दिए गए हैं।

Section-wise Questions

भाग 1 — संदर्भ सहित गद्यांश व्याख्या

प्रश्न 1 में प्रेमचंद के चार उपन्यासों से संबंधित गद्यांश दिए गए हैं:

  • सेवासदन — सुमन का सामाजिक एवं मानसिक द्वंद्व
  • प्रेमाश्रम — ज्ञानशंकर की मनोदशा
  • रंगभूमि — जीवन, नैतिकता और रोजगार संबंधी विचार
  • गबन — रतन का स्वाभिमान एवं आत्मनिर्भरता

भाग 2 — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2 से 5 में प्रेमचंद की कथा-दृष्टि, गबन में नारी मुक्ति, गोदान की पात्र योजना और रंगभूमि में राष्ट्रीय आंदोलन का अध्ययन कराया गया है।

भाग 3 — संक्षिप्त टिप्पणियाँ

प्रश्न 6 में प्रेमचंद के निबंध, प्रेमाश्रम, कर्मभूमि और सेवासदन के केंद्रीय पक्षों पर टिप्पणियाँ पूछी गई हैं।

Important Topics Covered

  • प्रेमचंद का कथा साहित्य
  • प्रेमचंद की कथा-दृष्टि
  • प्रेमचंद को कथा सम्राट कहने के आधार
  • सेवासदन
  • सुमन का चरित्र एवं सामाजिक स्थिति
  • सेवासदन की मूल समस्या
  • प्रेमाश्रम का कथानक
  • ज्ञानशंकर का चरित्र
  • रंगभूमि
  • सूरदास और नैतिक संघर्ष
  • रंगभूमि में राष्ट्रीय आंदोलन
  • गबन
  • जालपा और मध्यवर्गीय नारी मुक्ति
  • रतन का नारी स्वाभिमान
  • गोदान की पात्र योजना
  • होरी, धनिया, गोबर और अन्य पात्र
  • कर्मभूमि की मूल संवेदना
  • प्रेमचंद के निबंध
  • सामाजिक यथार्थवाद
  • गांधीवादी चेतना
  • किसान, मजदूर और सामाजिक शोषण

Applicable Programmes

  • MHD — Master of Arts (Hindi)
  • MHDOL — Master of Arts (Hindi), Online

IGNOU की वर्तमान programme information में MHD-14 दोनों programme structures में 4 क्रेडिट के साथ उपलब्ध है।

Product Features

  • Hindi Medium Solved Assignment
  • Academic Session 2026-27
  • Course Code MHD-14
  • Course: हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
  • Maximum Marks: 100
  • 6 मुख्य प्रश्न
  • संदर्भ सहित गद्यांश व्याख्या
  • प्रेमचंद के प्रमुख उपन्यासों पर प्रश्न
  • 4-क्रेडिट पाठ्यक्रम
  • Digital PDF Format
  • Instant Download
  • Assignment Preparation के लिए उपयोगी

PDF कैसे उपयोग करें?

  1. PDF को मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर खोलें।
  2. पहले मूल Assignment के प्रश्न और अंक-विभाजन देखें।
  3. प्रत्येक प्रश्न से संबंधित उत्तर को समझकर अध्ययन करें।
  4. अपने उत्तर तैयार करते समय IGNOU की आधिकारिक अध्ययन-सामग्री से भी मिलान करें।
  5. Assignment जमा करने से पहले अपना Enrollment Number, Programme और अन्य आवश्यक विवरण स्वयं जाँचें।

Helpful Resources

IGNOU के आधिकारिक programme records में MHD-14 को 4-क्रेडिट हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद विशेष) पाठ्यक्रम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

IGNOU के programme guide में MHD-14 को उपन्यास के विशेष अध्ययन वाले मॉड्यूल में हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) के रूप में दिया गया है।

Frequently Asked Questions

1. MHD-14 का विषय क्या है?

MHD-14 का विषय हिंदी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) है।

2. यह Assignment किस सत्र के लिए है?

यह 2026-27 Academic Session के लिए है।

3. MHD-14 किस माध्यम में है?

यह Hindi Medium Assignment PDF है।

4. MHD-14 कितने क्रेडिट का है?

IGNOU के आधिकारिक programme records के अनुसार MHD-14 4 क्रेडिट का पाठ्यक्रम है।

5. Assignment के कुल कितने अंक हैं?

वर्तमान PDF के अनुसार कुल 100 अंक हैं।

6. Assignment में कितने मुख्य प्रश्न हैं?

वर्तमान PDF में 6 मुख्य प्रश्न हैं।

7. प्रश्न 1 में कितने गद्यांश हैं?

प्रश्न 1 में चार गद्यांश — (क), (ख), (ग), (घ) दिए गए हैं।

8. किन प्रमुख उपन्यासों से सामग्री ली गई है?

वर्तमान Assignment में सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, गबन, गोदान और कर्मभूमि से संबंधित प्रश्न एवं सामग्री शामिल हैं।

9. क्या यह Digital PDF है?

हाँ। Product Format Digital PDF और Delivery Type Instant Download है।

10. क्या यह IGNOU की आधिकारिक अध्ययन-सामग्री है?

नहीं। यह Mother Publication द्वारा उपलब्ध कराया गया independent educational resource है। आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं programme जानकारी के लिए IGNOU के स्रोतों को प्राथमिकता दें।

Disclaimer

Mother Publication is an independent educational resource provider and is not officially affiliated with or endorsed by IGNOU.

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