BHDC-112 Solved Assignment 2026-27 in Hindi | हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ
Introduction
BHDC-112 हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ 2026-27 का यह Solved Assignment हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। वर्तमान PDF में 100 अंकों का सत्रीय कार्य तीन खंडों में दिया गया है। इसमें निबंध के उद्भव-विकास के साथ ललित निबंध, संस्मरण और रेखाचित्र जैसी गद्य विधाओं से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।
IGNOU के आधिकारिक Programme Guide के अनुसार BHDC-112 6 क्रेडिट का पाठ्यक्रम है और इसमें हिंदी निबंध के साथ आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र आदि महत्वपूर्ण गद्य विधाओं का अध्ययन कराया जाता है।
Course Information
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Course Code | BHDC-112 |
| Course Name | हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ |
| Programme | BAHDH |
| Session | 2026-27 |
| Medium | Hindi |
| Assignment Code | BHDC-112/2026-27 |
Product Overview
वर्तमान PDF में:
- खंड-1: निबंध के उद्भव एवं विकास तथा तीन गद्यांशों में से किन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या।
- खंड-2: ललित निबंध, ‘करुणा’, ‘ये हैं प्रोफेसर शशांक’ और ‘आम रास्ता नहीं है’ से संबंधित प्रश्न।
- खंड-3: जयशंकर प्रसाद का व्यक्तित्व, ‘रजिया’ और ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ से संबंधित प्रश्न।
- कुल अंक: 100।
Assignment Question Paper
खंड-1
1. निबंध के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए। — 10 अंक
2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या लिखिए। — 10×2 = 20
(क)
“हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः साधु होते हैं। हल चलाने वाले अपने शरीर का हवन किया करते हैं। खेत उनकी हवनशाला है। उनके हवनकुंड की ज्वाला की किरणें चावल के लंबे और सफेद दानों के रूप में निकलती है। गेहूँ के लाल-लाल दाने इस अग्नि की चिनगारियों की डालियों से हैं। मैं जब कभी अनार के फूल और फल देखता हूँ तब मुझे बाग के माली का रुधिर याद आ जाता है। उसकी मेहनत के कण जमीन में गिरकर उगे हैं और हवा तथा प्रकाश की सहायकता से मीठे फलों के रूप में नजर आ रहे हैं।”
(ख)
“दुख की श्रेणी में प्रवृत्ति के विचार से करुणा का उलटा क्रोध है। क्रोध जिसके प्रति उत्पन्न होता है उसकी हानि की चेष्टा की जाती है। करुणा जिसके प्रति उत्पन्न होती है उसकी भलाई का उद्योग किया जाता है। किसी पर प्रसन्न होकर भी लोग उसकी भलाई करते हैं। इस प्रकार पात्र की भलाई के उत्तेजना दुःख और आनंद दोनों ही श्रेणियों रखी गई है।”
(ग)
“और यह मार्ग हमारी नागरिकता पर एक व्यंग्य के समान है। फाटक पर दोनों ओर स्पष्ट लिखा है—‘आम रास्ता नहीं है।’ अब सोचता हूँ कि आम रास्ता किसे कहते हैं। अवश्य ही यह कोई खास रास्ता है। आम लोगों का रास्ता तो दूसरा है। ये शायद भूले हुए लोग हैं। ये मार्गच्युत लोग हैं। ये अनजान लोग हैं जिस पर आम लोगों के लिए जीवन सहज सरल हो सके।”
खंड-2
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 700–800 शब्दों में लिखिए।
3. ललित निबंध के उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालिए। — 10 अंक
4. ‘करुणा’ निबंध का प्रतिपाद्य लिखिए। — 10 अंक
5. ‘ये हैं प्रोफेसर शशांक’ रेखाचित्र का सारांश लिखिए। — 10 अंक
6. ‘आम रास्ता नहीं है’ ललित निबंध का प्रतिपाद्य लिखिए। — 10 अंक
खंड-3
7. ‘महाकवि जयशंकर प्रसाद ‘संस्मरण’’ के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए। — 10 अंक
8. ‘रजिया’ रेखाचित्र का प्रतिपाद्य बताइए। — 10 अंक
9. ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ का कथासार लिखिए। — 10 अंक
ये सभी प्रश्न वर्तमान PDF के प्रथम पृष्ठ पर दिए गए मूल सत्रीय कार्य से सत्यापित हैं और आगे के पृष्ठों में इनके समाधान दिए गए हैं।
Section-wise Questions
खंड-1 — निबंध एवं सप्रसंग व्याख्या
इस भाग में निबंध के उद्भव-विकास पर प्रश्न तथा सरदार पूर्ण सिंह के ‘मजदूरी और प्रेम’, आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘करुणा’ और विवेकी राय के ‘आम रास्ता नहीं है’ से गद्यांश दिए गए हैं।
खंड-2 — ललित निबंध और गद्य रचनाएँ
इस भाग में ललित निबंध के विकास, ‘करुणा’, ‘ये हैं प्रोफेसर शशांक’ और ‘आम रास्ता नहीं है’ पर विस्तृत उत्तर मांगे गए हैं।
खंड-3 — संस्मरण, रेखाचित्र और ललित निबंध
इस भाग में जयशंकर प्रसाद के व्यक्तित्व, ‘रजिया’ और ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ से संबंधित प्रश्न हैं।
Important Topics Covered
- हिंदी निबंध का उद्भव और विकास
- भारतेंदु युग
- द्विवेदी युग
- शुक्ल युग
- शुक्लोत्तर निबंध
- ललित निबंध का उद्भव एवं विकास
- सरदार पूर्ण सिंह और ‘मजदूरी और प्रेम’
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल का ‘करुणा’
- ‘ये हैं प्रोफेसर शशांक’
- ‘आम रास्ता नहीं है’
- जयशंकर प्रसाद का व्यक्तित्व
- ‘रजिया’ रेखाचित्र
- ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’
- संस्मरण और रेखाचित्र की विशेषताएँ
- श्रम, करुणा, सामाजिक संवेदना और मानवीय मूल्यों का चित्रण
Applicable Programmes
BAHDH — Bachelor of Arts (Honours) Hindi: IGNOU के वर्तमान आधिकारिक कार्यक्रम पृष्ठ पर BAHDH का माध्यम Hindi है और BHDC-112 को 6 क्रेडिट के पाठ्यक्रम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इस वर्तमान PDF के शीर्षक-पृष्ठ पर भी पाठ्यक्रम को BHDC-112/BAHDH के रूप में दर्शाया गया है।
Programme verification note: पुराने IGNOU दस्तावेजों में BHDC-112 अन्य हिंदी स्नातक संरचनाओं में भी दिखाई देता है, लेकिन वर्तमान 2026-27 PDF और वर्तमान आधिकारिक BAHDH course listing के आधार पर इस उत्पाद में verified programme category BAHDH रखी गई है। वर्तमान जुलाई 2026 BAFHD prospectus में BHDC-112 major-course सूची में नहीं है।
Product Features
- BHDC-112 Solved Assignment 2026-27
- हिंदी माध्यम
- Digital PDF Format
- कुल 100 अंकों का सत्रीय कार्य
- निबंध एवं ललित निबंध संबंधी प्रश्न
- सप्रसंग व्याख्या सहित प्रश्न
- संस्मरण एवं रेखाचित्र आधारित प्रश्न
- सभी वर्तमान PDF प्रश्नों के समाधान
- हिंदी साहित्य की प्रमुख गद्य विधाओं पर केंद्रित सामग्री
PDF कैसे उपयोग करें?
- PDF को मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर खोलें।
- मूल प्रश्न और उनके अंक पहले देखें।
- प्रत्येक उत्तर को प्रश्न की अपेक्षा के अनुसार पढ़ें।
- उत्तर तैयार करते समय आधिकारिक IGNOU अध्ययन-सामग्री से भी संदर्भ लें।
- असाइनमेंट जमा करने से पहले वर्तमान IGNOU निर्देशों की पुष्टि करें।
Helpful Resources
- IGNOU का आधिकारिक BAHDH Programme Page
- IGNOU का आधिकारिक BAHDH Programme Guide
- IGNOU का आधिकारिक BHDC-112 पाठ्यक्रम विवरण
- IGNOU के आधिकारिक Term-End Examination प्रश्नपत्र
IGNOU के आधिकारिक प्रश्नपत्र में भी BHDC-112 को हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ तथा अधिकतम 100 अंकों के पाठ्यक्रम के रूप में दर्ज किया गया है।
Frequently Asked Questions
1. BHDC-112 का विषय क्या है?
BHDC-112 का विषय हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ है।
2. BHDC-112 कितने क्रेडिट का है?
IGNOU के आधिकारिक BAHDH विवरण के अनुसार यह 6 क्रेडिट का पाठ्यक्रम है।
3. यह Solved Assignment किस सत्र के लिए है?
यह 2026-27 सत्र का Solved Assignment है।
4. BHDC-112 Assignment Code क्या है?
वर्तमान PDF में Assignment Code BHDC-112/2026-27 दिया गया है।
5. Assignment के कुल अंक कितने हैं?
कुल अधिकतम अंक 100 हैं।
6. खंड-1 में क्या पूछा गया है?
खंड-1 में निबंध के उद्भव एवं विकास पर प्रश्न तथा तीन गद्यांशों में से किन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या मांगी गई है।
7. क्या ‘करुणा’ निबंध से प्रश्न है?
हाँ। ‘करुणा’ निबंध का प्रतिपाद्य और उससे संबंधित सप्रसंग व्याख्या दोनों शामिल हैं।
8. क्या ललित निबंध से प्रश्न है?
हाँ। ललित निबंध के उद्भव एवं विकास तथा ‘आम रास्ता नहीं है’ के प्रतिपाद्य पर प्रश्न दिए गए हैं।
9. क्या संस्मरण और रेखाचित्र शामिल हैं?
हाँ। जयशंकर प्रसाद के व्यक्तित्व पर संस्मरण तथा ‘रजिया’ और ‘ये हैं प्रोफेसर शशांक’ रेखाचित्र आधारित प्रश्न शामिल हैं।
10. क्या ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ शामिल है?
हाँ। खंड-3 में ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ का कथासार लिखने का प्रश्न दिया गया है।
Disclaimer
Mother Publication is an independent educational resource provider and is not officially affiliated with or endorsed by IGNOU. यह Solved Assignment विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहायता के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है। जमा करने से पहले विद्यार्थी आधिकारिक IGNOU अध्ययन-सामग्री और वर्तमान विश्वविद्यालय निर्देशों से उत्तरों का मिलान करें।
PRODUCT TAGS
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